By Admin
“Communication” और “Skill” कहने को तो यह दो अलग – अलग शबà¥à¤¦ हैं मगर जब यह दोनों शबà¥à¤¦ ‘Communication skill’ à¤à¤• साथ मिल जाà¤à¤‚ तो यह इंसान की सफलता (Success) की परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ लिखते हैं । या उसकी सफलता की राह को तय करते हैं ।
जीहां, अगर आप चाहते हैं कि आप कामयाब हों या अपनी कामयाबी से दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में अपने नाम का लोहा मनवाना चाहते हैं तो कोई à¤à¥€ फीलà¥à¤¡ हो अगर आपकी कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤•ेशन सà¥à¤•िल अचà¥à¤›à¥€ है तो आप उस फीलà¥à¤¡ में अपने नाम का लोहा मनवा सकते हैं ।
यह जरूरी नहीं कि अगर आप जॉब करते हैं या सà¥à¤Ÿà¥‚डेंट हैं या कोई मीडिया परà¥à¤¸à¤¨ हैं तो आपकी Communication skills बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ हैं । आपको अपनी Communication skill पर हमेशा काम करते रहना चाहिठ। मगर दूसरी तरफ कई à¤à¤¸à¥‡ लोग à¤à¥€ हैं जो अपनी Communication skills को बढ़ाना तो चाहते हैं मगर उनको समठनहीं आता कि वह कैसे अपनी इस कमी को दूर करें ।
तो आइठजाने कैसे आप अपने काम के दौरान ही छोटी – छोटी चीजों से अपनी कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤•ेशन सà¥à¤•िलà¥à¤¸ को बढ़ा सकते हैं ।
जी केसे मांà¤à¥‡ अपनी सà¥à¤•िलà¥à¤¸
आपको अपने Communication skills को हमेशा अपडेट रखना होगा । इसका सबसे आसान तरीका है कि आप अपने नॉलेज में हमेशा बà¥à¥‹à¤¤à¤°à¥€ करें । अपने नॉलेज में बà¥à¥‹à¤¤à¤°à¥€ करने के लिठजरूरी नहीं कि आप इसके लिठअलग से समय निकालें, नॉलेज पर अलग से कोई काम करें । यह तो हम सà¤à¥€ जानते हैं कि नॉलेज बढ़ाने के लिठआपको नà¥à¤¯à¥‚ज चैनलà¥à¤¸, नà¥à¤¯à¥‚ज पेपर या मैगà¥à¤œà¥€à¤¨à¥à¤¸ आदि पढऩी चाहिठ।
मगर à¤à¤¾à¤— दौड़ à¤à¤°à¥‡ इस जमाने में आप सोशल मीडिया का सहारा लेकर अपडेट रह सकते हैं इसके लिठआपको नà¥à¤¯à¥‚ज पेपर पढऩे की जरूरत नहीं आप अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सà¤à¥€ चैनलà¥à¤¸ और नà¥à¤¯à¥‚ज पेपर की वेबसाइट को लाइक कर बराबर अपडेट ले सकते हैं ।
इससे फायदा यह रहेगा कि आपको देश और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के बारे में सà¤à¥€ कà¥à¤› पता चल जाà¤à¤—ा ।जो à¤à¤• तरफ आपकी नॉलेज बढ़ाà¤à¤—ा वहीं आपके कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤•ेशनल सà¥à¤•िलà¥à¤¸ को मांà¤à¤¨à¥‡ का काम करेगा ।
Communication skills में बात करने का तरीका बहà¥à¤¤ अधिक मायने रखता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे सामने खड़े होने वाला वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हमेशा ही इमà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ होताहै । हमेशा याद रखें छोटे – छोटे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को कहने की बजाया कहावतों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें या बड़े वाकà¥à¤¯ कहें ।
मगर à¤à¤¸à¤¾ हमेशा नहीं करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अगर à¤à¤¸à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करेंगे तो सामने वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पर इसका नकारातà¥à¤®à¤• असर à¤à¥€ हो सकता है और साथ हीअपनी आवाज को डेवलà¥à¤ª करें। जिससे की सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ वाले को आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कही जाने वाली हर बात आसानी से समठआठ।
पहले तो हमेशा याद रखें कि आप किस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से बात कर रहे हैं, फिर सोचें कि जिस पद पर वह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ है उसका कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤•ेशन सà¥à¤•िलà¥à¤¸ का लेवल कà¥à¤¯à¤¾ हो सकता है और मà¥à¤à¥‡ उनसे किस लेवल की बात करनी चाहिठ।
इस दौरान सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी बात तो यह है जो आप बोलो उस पर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करो, अपनी ही बात को बार बार मत काटो ।तà¤à¥€ वह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आपसे इंपà¥à¤°à¥‡à¤¸ होगा ।
à¤à¤• कहावत हमेशा ही हम सà¤à¥€ ने सà¥à¤¨à¥€ होगी । कि à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ पढऩे वाला ही अचà¥à¤›à¤¾ लिख सकता है और à¤à¤•अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ वाला, अचà¥à¤›à¤¾ बोल सकता है, इसलिठहमेशा कà¥à¤› à¤à¥€ बोलने से पहले सामनेवाले की बात गौरसे सà¥à¤¨à¥‡ और समà¤à¥‡à¤‚ । बात करते समय यह जरूर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आपका आईकॉनà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ कैसा हैं, हमेशा सामने वाले की आंखों में देखकर बात करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¤¾ करने से आपकी बातको à¤à¤• अलग तरह का सपोरà¥à¤Ÿ मिलता है ।
कईअचà¥à¤›à¥‡ Communication skills वाले परà¥à¤¸à¤¨à¥à¤¸ में à¤à¥€ यह परेशानीबहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है । किवह अचà¥à¤›à¤¾ बोलते समय बहà¥à¤¤ छोटे – छोटे वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में अपने आप को शोऑफ करने की कोशिश करताहै ।
जोसà¥à¤¨à¤¨à¥‡ वाले पर नकारातà¥à¤®à¤• असरडालती है । हमेशाबातों – बातों में शो ऑफ करनेसे बचें । इससे आपकीà¤à¤• अचà¥à¤›à¥‡ इंसान की छवि बनेगी।
à¤à¤• बात का हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि हमेशा पॉइनà¥à¤Ÿ टू पॉइनà¥à¤Ÿ बात करें । जो आपके लिठऔर सामने वाले दोनों के लिठआसान होगा इस दौरान यह à¤à¥€ याद रखें कि अगर आप à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ के साथ बात करते हैं तो अलग तरह के कमà¥à¤¯à¥‚निकेशन का सहारा लें वहीं ऑफिस आदि में आप पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤² कमà¥à¤¯à¥‚निकेशन सà¥à¤•िलà¥à¤¸ का सहारा लें।
सही कमà¥à¤¯à¥‚निकेशन के लिठदो सबसे जरूरी चीजें यह हैं कि आप अपने Body language का हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें और दूसरी तरफ अपने सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ को हमेशा शांत बनाठरखें । अपने आपको जज करते हà¥à¤ देखें कहीं à¤à¤¸à¤¾ तो नहीं है कि आप बोल तो कà¥à¤› रहे होते हैं और आपका बॉडीलैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ कह कà¥à¤› और रहा हो ।
वहीं हमेशा शांत और सहज बने रहने की कोशिश करें, कई बार हम शांत और सहज नहीं बने रह सकते तो हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि इस समय शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ का चयन हमेशा करेकà¥à¤Ÿ रहे ।
इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल को अगर आप अपनी जिंदगी में फॉलो करेंगे तो आपको अचà¥à¤›à¤¾ काम करने की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ तो मिलेगी ही और साथ ही यह आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल आपको बताà¤à¤—ा कि किस तरह से आप अपने ऑफिस में अपने जूनियरà¥à¤¸ और सीनियरà¥à¤¸ के साथ Communication रखें ।
जिससे की आपको चारों दिशाओं से लाठहो, यह आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल आपकी जिंदगी तो बदलेगा ही और साथ ही अगर आप इसे सही तरह से अपने पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨ में अपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ करेंगे तो यह तो तय है कि आप आने वाले समय में सफलता (Success) की वह ऊंचाइयों को छà¥à¤à¤‚गे जिसकी कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ आप अपने सपनों में करते हैं ।